Social Movement

     At the age of 14; he has started holding and caring for his grain market business where he has gone through the plight of farmers from the very young age. Later, under the umbrella of ‘Varun Ek Goonj’, he had started a movement for upliftment of farmers. He raised his voice that why only “Karza Maafi” and MSP. He has a strong vision of upliftment of farmers and Awareness in youth for agriculture education, organic agriculture and online system of farming. For the above all he introduced ‘JAI KISAN’ Movement. 
-by Ayush Sahai

 “किसानों का स्वाभिमान

वरूण रघुवीर का अभिमान” 

हरियाणा मुख्य रूप से कृषि के लिए जाना जाता है फिर भी 2500 किसान रोज खेती छोड़ रहे हैं। एसा ना हो एक दिन यह विरासत ही खत्म हो जाए जब किसान अपने बेटे के लिए जमीन छोड़कर जाता था। आज हरियाणा का युवा पढ़ा लिखा व आधुनिक तो है पर उसके पास रोज़गार नही है सरकारी नौकरियाँ हैं नही व गुड़गाँव दिल्ली की बहुराष्ट्रीय कपंनियां हमें लेती नही क्योंकि हमारे skills टैकनालाजी व मैनेजमेण्ट में इतने अच्छे नही।कयोंकि हमारे skills में, हमारे genes में, हमारे ख़ून में कृषि के गुण हैं हमें इसी में आधुनिक रूप से शिक्षित होना है।
 आंकडे बताते हैं कि हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश होते हुए भी मध्य प्रदेश, राजस्थान व हिमाचल का गेहूँ हरियाणा से काफ़ी महँगा है। ये विचारणीय है। हमें बीजों की व मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ानी होगी और ये काम कृषि अनुसंधान केन्द्र ही कर सकता है।हमारे खून में कृषि बसी हुई है और हम कृषि में ही ग्रेजुएट होंगे, हम मास्टर्स करेगें लेकिन eco friendly खेती में, organic खेती मे।हम इंजीनियर बनेंगे वैज्ञानिक बनेगें लेकिन agriculture research मेंऔर अपने हुनर को निखारेंगे। कृषि के स्तर को हमे मिलकर ऊपर उठाना होगा।किसान को ताक़तवर बनाना होगा।इसलिये हर हरियाणा के हर जिले में हमें ऐग्रिकल्चरuniversity  व reasearch सेंटर चाहिए
प्रत्येक तहसील में मिट्टी परीक्षण केंद्र (soil testing centre)हो जहां खेत की खामियों का पता लगाया जा सके व मिट्टी की quality के अनुरूप खेती हो और गुणवत्ता को भी बढ़ाया जा सके। जैसे हम बीमार होते हैं तो blood testing के बाद ही diagnose होता है कि ये रोग है व ये दवाइ लगेगी , इसी तरह soil testing centre ही बताएँगे कि मिट्टी कैसी है व कैसी फ़सल लगेगी। soil card हो हर किसान का जो हर छ महीने में  renew हो। हर तहसील में organic कीटनाशक दवाई केंद्र हो।
खेती बचाने व युवाओं जाटों के छोरों को atamnirbhar बनाने के लिए आओ संकलप लें की हर जिले में एक ऐग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी व ऐग्रिकल्चर रीसर्च सेंटर अवश्य हो ।
जय किसान जय हरियाणा

वरूण रघुबीर तेवतिया
युवा किसानों का हमसफ़र 

IMT Chandawali     'Jai kisaan Andolan'

“जो माना जाता धरती पे मेहनत का सच्चा अधिकारी, धरती का बलवान पुत्र क्यूँ झेल रहा है लाचारी”
भूमि अधिग्रहण के मामले में आज तक ऐसा नहीं हुआ की अवार्ड बदला गया हो परंतु मेरे पिता श्री रघुबीर सिंह तेवतिया के निरंतर संघर्षों की बदौलत IMT CHANDAWALI के किसानों को 16 लाख का घोषित अवार्ड बदलवाकर 46 लाख 20 हज़ार रुपये प्रति एकड़ किया गया जो समस्त हिंदुस्तान का अपने आप में एक अनूठा example है।माननिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के राज्यकाल में विधायक रघुवीर सिहं तेवतिया जी के प्रयासों से 5 गाँवों के किसानों को 385 करोड़ 88 लाख रूपए का फ़ायदा हुआ जो अपने आप में एक मिसाल है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण करने के दौरान वायदा किया था कि प्रत्येक किसान जिसकी भूमि ली जा रही है उसे no profit no loss पर एक एक प्लाट मिलेगा जिसमें बाद में सरकार प्रोफ़िट अलग से लेने लगी परंतु विधायक जी संघर्ष कर नो प्रॉफ़िट नो लॉस पर ही सभी को प्लाट दिलवाया। फिर सरकार परिवर्तन हुआ व बढ़ी हुई राशि को पाने के लिए किसानों के पास एक ही रास्ता था कि राज्य के उच्च न्यायालय जाए , अब हाई कोर्ट द्वारा भी फ़ैसला सुना दिए जाने के बाद भी वर्तमान सरकार किसानो को उनका मुआवज़ा नहीं दे रही है , जिसके लिए पिछले दो साल से किसान धरने पर बैठा है। उसी के चलते अन्ना हज़ारे जी का समर्थन भी मिला आज मेरे किसान भाइयों को। लेकिन मैं चेतावनी देता इन हुक्मरानों को कि मत शोषण करो इस किसान समुदाय का नहीं तो ऐसी हाय लगेगी कि एक नहीं दो नहीं बल्कि दिल्ली तक के सारे सिहांसन हिल जाएँगें।
“अब हो जाओ सावधान मत डूबो तुम अभिमान में
सौ में से अस्सी किसान हैं मेरे हिन्दुस्तान में,
सारे के सारे किसान जब हरियाणा के मिल जायेंगे;
एक नहीं दो नहीं, मुख्यमन्त्री जी,सुन लो! सारे के सारे सिहांसन हिल जायेंगे।
जय किसान, जय बलवान

IMT Chandawali pictures

Jai kissan aandoan ka aagaz s.r.s. palwal